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महा मंडलेश्वर पट्टा अभिषेक

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गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद

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हमारे बारे में

श्री गुरु गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़ा – सम्पूर्ण परिचय ?
"यह कोई साधारण संगठन नहीं, बल्कि एक अखाड़ा है — तप, त्याग, साधना और सनातन धर्म की जीवंत परंपरा।"
गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़ा सनातन धर्म की प्राचीन नाथ परंपरा से प्रेरित एक दिव्य आध्यात्मिक अखाड़ा है, जिसका उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि साधु-संतों की परंपरा को जीवित रखते हुए समाज में धर्म, साधना, सेवा और संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना है।
यह अखाड़ा योग, तपस्या, साधना और गुरु-शिष्य परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां व्यक्ति केवल जुड़ता नहीं, बल्कि अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्राप्त करता है।
? हमारी पहचान (हम संगठन नहीं, अखाड़ा हैं)
यह कोई साधारण संस्था या संगठन नहीं है
यह एक अखाड़ा है — जहां तप, त्याग और साधना का मार्ग अपनाया जाता है
यहां जुड़ने वाला हर व्यक्ति सदस्य नहीं, साधक बनता है
गुरु परंपरा और सनातन संस्कृति का पालन सर्वोपरि है
? हमारा लक्ष्य भीड़ बढ़ाना नहीं, बल्कि साधकों को जागृत करना है।
? मुख्य उद्देश्य
सनातन धर्म और नाथ परंपरा का संरक्षण और विस्तार
गुरु गोरखनाथ जी की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार
समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करना
साधु-संतों को एक सशक्त मंच प्रदान करना
युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ना
?️ प्रमुख कार्य एवं सेवाएं
1. ? साधना एवं मंत्र प्रचार
विभिन्न गुप्त सिद्धि मंत्रों और साधनाओं का प्रचार
लोगों को सही विधि से जप, तप और ध्यान सिखाना
2. ? अखाड़ा परंपरा का विस्तार
भारत के विभिन्न राज्यों में अखाड़ा विस्तार
नए साधकों और संतों को जोड़ना
महामंडलेश्वर एवं अन्य पदों का आयोजन
3. ? धार्मिक कार्यक्रम एवं आयोजन
पट्टा अभिषेक समारोह
हवन, यज्ञ, भंडारा और साधना शिविर
विशेष पर्वों (नवरात्रि, शिवरात्रि आदि) पर आयोजन
4. ? पवित्र स्थलों का निर्माण
गंगा तट एवं अन्य पवित्र स्थानों पर आश्रम निर्माण
साधना के लिए शांत एवं दिव्य वातावरण तैयार करना
5. ? समाज सेवा
जरूरतमंदों की सहायता
धर्म के माध्यम से समाज में शांति और एकता स्थापित करना
6. ? निशुल्क सदस्यता एवं प्रमाण पत्र
लोगों को अखाड़े से जोड़ना
तुरंत प्रमाण पत्र प्रदान करना
हर व्यक्ति को धर्म से जोड़ने का अवसर देना
? हमारी विशेषता
गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित वास्तविक अखाड़ा
केवल प्रचार नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन का मार्ग
आध्यात्मिकता और सेवा का अद्भुत संगम
देशभर में तेजी से बढ़ता दिव्य परिवार
? हमारा संकल्प
"हर घर में धर्म, हर हृदय में भक्ति, और हर जीवन में गुरु गोरखनाथ जी की कृपा स्थापित करना।"
? आप भी जुड़ें
अगर आप भी अपने जीवन में शांति, शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं,
तो गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़ा से जुड़ें और सनातन धर्म के इस दिव्य अभियान का हिस्सा बनें। जी महाराज के आशीर्वाद से और उनके दिशा निर्देश के मार्गदर्शन के अनुरूप गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद की स्थापना श्री संजीवन नाथ महाराज जी अध्यक्ष द्वारा की गई थी जो 2021 से धीरे-धीरे बढ़ रहा है 2024 में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए पूर्ण रूप से एवं सुचारु रूप से प्रचलित और प्रसारित किया गया इसका मुख्य उद्देश्य नाथ संप्रदाय में पढ़े लिखे समाज जिसमें डॉ प्रो कथा वाचक श्री व्यास ज्योतिष शास्त्री मठ मंदिर आश्रम इंजीनियरिंग से संबंधित को जोड़ना है जिससे संप्रदाय को एक संपूर्ण अखाड़े के रूप में स्थापित करना है जिसमें भरत नाथ महाराज जी जिनका विशेष रूप से हर कार्य में योगदान  है  शंकर नाथ महाराज जी जयपुर से श्री निरंजन महाराज जी वडोदरा से एवं भारत नाथ जी महाराज जी के सहयोग के बिना  यह कार्य संभव होना शायद मुश्किल होता इसी कड़ी में अखाड़े में महामंडलेश्वर का चुनाव भी शुरू हो गया और एक ही दिन में चार महामंडलेश्वर नियुक्त किए गए जिसमें कानपुर से विजया नाथ जी महाराज स्वामी जगदीश प्रजापति जी महाराज खाचरोद मध्य प्रदेश मां मधुरा भीलवाड़ा राजस्थान से अरुणा जी महाराज कानपुर को महामंडलेश्वर के पद पर 17 नवंबर 2024 को सम्मानित किया गया जिसमें यह शपथ दिलाई गई कि वह नाथ संप्रदाय एवं अन्य समाज के लिए एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करेंग

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अध्यक्ष का संदेश

छोटा या बड़ा कुछ नहीं होता वहां ज्यादा संत महापुरुष थे जिनमें से कुछ प्रमुख लोगों के विचार दर्शाने आवश्यक होते हैं किंतु 100 शब्द लिखने से और उसका उत्तर एक शब्द में देने से सर्वोत्तम होता है जिस प्रकार रात के अंधकार को सूर्य के आने की एक किरण दूर कर देती है इस प्रकार 100 शब्दों का तोड़ सिर्फ एक शब्द में हो सकता है बाकी तो आप संत हैं सब कुछ जानते हैं कि संसार की उत्पत्ति भगवान शिव से हुई है और भगवान शिव सुनय हैं और इसका अर्थ सव है और जो सव है वह बहुत कुछ है और कुछ भी नहीं आदि और अनादि मैं सिर्फ एक अक्षर का अंतर है लेकिन फर्क जमीन और आसमान का है मैंने जीवन में अपनी तुलना किसी से करने का प्रयास नहीं किया क्योंकि हो सकता है मेरी सबसे धीमी गति हो या हम सबसे अलग हॅ

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