अखाड़े में दी हुई कोई भी प्रकार से भी वापसी का कोई प्रावधान नहीं है आपके द्वारा दी हुई अखाड़े में किसी भी प्रकार की कोई राशि योग राशि दानराशि एवं सदस्य का राशि का वापसी का कोई प्रधान नहीं है वह किसी भीहालत में वापस नहीं होगी
अखाड़े में कोई भी राशि अखाड़े के नाम से या किसी अधिकारी के नाम से दी जाती है तो वह वापस लेने के आप किसी भी प्रकार से दबाव नहीं बना सकते ना ही वह वापस होगी
गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने के बाद न्यायालय द्वारा हीआदेश सभी को मान्य होगा और केवल हरिद्वार न्यायालय ही इसके लिए अधिकृतरूप से मान्य होगा
गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषदके धन का विनियोग
गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद के धन का विनियोग आयकर अधिनियम के अन्तर्गत सम्बन्धित प्रावधानों के अनुसार किया जायेगा।
दानी सज्जनों द्वारा दिया गया धन अथवा अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आय व राज्य/केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रदत्त सभी प्रकार के अनुदान उपरोक्त उद्देश्यों के लिए समर्पित रहेगा।।
4.आपके द्वारा दी हुईया कोई भी किसी प्रकार की फोटो या वीडियो प्रकाशित की जाती हैतो आप केवल 24 घंटे के अंदर ही उस फोटो या वीडियो की हटवा सकते हैंउसके बाद वह किसी भी प्रकार से ना हटाई जाएगी ना ही बदली जाएगी यदि आपको किसी प्रकार की आपत्ति है तो 24 घंटे के अंदर वह आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं और निवारण साथ-साथ होगा? गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़ा
? नियम एवं आचार संहिता ?
"अखाड़ा अनुशासन, साधना और गुरु भक्ति का मार्ग है — यहाँ नियम ही साधक की शक्ति है।"
?️ मूल सिद्धांत
यह अखाड़ा केवल नाम या पहचान के लिए नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन के लिए है
यहाँ जुड़ने वाला हर व्यक्ति अनुशासन और साधना का पालन करेगा
गुरु, धर्म और परंपरा के प्रति पूर्ण समर्पण आवश्यक है
? प्रमुख नियम
1. ? गुरु एवं परंपरा का सम्मान
गुरु गोरखनाथ जी और अखाड़ा परंपरा का हमेशा आदर करें
गुरु के आदेश और मार्गदर्शन का पालन करना अनिवार्य है
2. ? नित्य साधना अनिवार्य
प्रतिदिन कम से कम मंत्र जाप, ध्यान या पूजा करें
बिना साधना के अखाड़ा का हिस्सा होना अधूरा माना जाएगा
3. ? गलत आचरण वर्जित
किसी भी प्रकार का नशा, अपशब्द, हिंसा या अधर्म पूर्णतः निषिद्ध है
अखाड़े की मर्यादा के विरुद्ध कोई कार्य स्वीकार नहीं होगा
4. ? सेवा भाव सर्वोपरि
हर सदस्य समाज सेवा और धर्म सेवा में भाग ले
जरूरतमंदों की सहायता करना प्रत्येक साधक का कर्तव्य है
5. ? अखाड़ा गतिविधियों में सहभागिता
हवन, यज्ञ, साधना शिविर एवं आयोजनों में सक्रिय भागीदारी
अखाड़ा के कार्यों को बढ़ाने में सहयोग देना
6. ? प्रचार-प्रसार का दायित्व
सनातन धर्म और गुरु गोरखनाथ जी की शिक्षाओं को आगे बढ़ाना
सोशल मीडिया, समाज और परिवार में धर्म का संदेश फैलाना
7. ? सदस्यता का सदुपयोग
प्रमाण पत्र का उपयोग केवल धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए करें
किसी भी प्रकार का गलत उपयोग करने पर सदस्यता समाप्त की जा सकती है
8. ⚖️ अनुशासन का पालन
अखाड़ा के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है
नियमों का उल्लंघन करने पर उचित कार्यवाही की जाएगी
? आचार संहिता (जीवन शैली)
सत्य, संयम और सादगी को अपनाएं
सभी धर्मों और व्यक्तियों का सम्मान करें
क्रोध, अहंकार और लोभ से दूर रहें
गुरु भक्ति को जीवन का आधार बनाएं
? विशेष निर्देश
? यह अखाड़ा है — यहाँ केवल जुड़ना नहीं, बल्कि बदलना पड़ता है।
? यहाँ सदस्य नहीं, साधक बनते हैं।
? यहाँ नाम नहीं, कर्म से पहचान बनती है।
? अंतिम संदेश
"जो इन नियमों का पालन करता है, वही सच्चा साधक और अखाड़े का गौरव बनता है।"